थोड़े देर के लिए बैठ गया साथ मेरे बैठ गई मेरी किस्मत भी और वक़्त निकल गया। थोड़े देर के लिए बैठ गया साथ मेरे बैठ गई मेरी किस्मत भी और वक़...
शायरी शायरी
हर बार चेहरा बदलकर मुझको पकड़ती रहीं। हर बार चेहरा बदलकर मुझको पकड़ती रहीं।
बस खुद को ढूंढ़ती एक आम सी नारी हूँ मैं। बस खुद को ढूंढ़ती एक आम सी नारी हूँ मैं।
हर जगह इस 'विश' को चाहे अंजान कर दे हर जगह इस 'विश' को चाहे अंजान कर दे
मन की बहती धारा को अंदर तक मानो हिला गया। मन की बहती धारा को अंदर तक मानो हिला गया।